बिहार में वैष्णव भक्ति आंदोलन: उद्भव एवं विकास
Abstract
बिहार, भारत में अपनी समृद्ध सामाजिक, सांस्कृतिक इतिहास के लिए प्रचलित है। मध्यकाल में बिहार की चिंतनधारा पर वैष्णव धर्म का पूरा प्रभाव पड़ा। चंदेश्वर द्वारा संकलित कृत्यरत्नाकर से यह स्पष्ट होता है कि मिथिला में 13वीं तथा 14वीं सदियों में लोगों के उपास्य देवता थे- विष्णु, हरि तथा शिव। बिहार में वैष्णव धर्म के विकास के दृष्टिकोण से बिहार का मिथिला प्रदेश प्रमुख है। यह वही क्षेत्र है जहां विद्यापति ने गोरक्षविजय, कीर्तिलता, कीर्तिपताका, उमापति ने पारिजातहरण की रचना की। मिथिला प्रदेश में वैष्णव प्रभाव के सामाजिक एवं राजनीतिक कारण है।
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Published
2019-01-01
How to Cite
मिश्रा ड. क. ग. . (2019). बिहार में वैष्णव भक्ति आंदोलन: उद्भव एवं विकास. Sameeksha Global [ISSN: 2581-401X], 3(1). Retrieved from https://stm.eurekajournals.com/index.php/Sameeksha/article/view/1070
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