आधुनिक शिक्षा प्रणाली की दशा एवं दिशा का आलोचनात्मक अध्ययन वर्तमान शिक्षा की दशा एवं दिशा

Authors

  • डाॅ परमेश्वर कुमार पाण्डेेय प्राचार्य, जी.डी.एस.बी.पी.जी. कालेज डेरापुर, कानपुर देहात।

Abstract

भारत की प्रचीन शिक्षा पद्वति का गौरवशाली इतिहास पूरे विश्व में प्रसिद्व रहा है। यहाॅ के गुरू आचार्य एवं शिष्य आदर्श के रूप में स्थापित रहे हैं। भारत विश्व गुरू के रूप में स्थापित था। गुरू का महत्व समस्त कीमती वस्तुओं एवं पदों से उपर था। अवतारी महापुरूषों तथा ईश्वर ने भी गुरू को अपने से उपर बताया है। यह प्राचीन गौरव आज अतीत का विषय हो चुका है।

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Published

2019-01-01

How to Cite

पाण्डेेय ड. प. क. . (2019). आधुनिक शिक्षा प्रणाली की दशा एवं दिशा का आलोचनात्मक अध्ययन वर्तमान शिक्षा की दशा एवं दिशा. Sameeksha Global [ISSN: 2581-401X], 3(1). Retrieved from https://stm.eurekajournals.com/index.php/Sameeksha/article/view/1071

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