मनरेगा: अकुशल श्रम की एक अनोखी योजना

Authors

  • डॉ0 आनन्द कुमार

Abstract

राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (NREGA) सितम्बर 2005 में पारित किया गया। इसे 2 फरवरी 2006 को लागू किया गया तथा चरणबद्ध तरीके से इसका क्रियान्वयन किया गया। आरम्भिक लक्ष्यों के अनुसार पहले चरण में इसे देश के 200 सबसे पिछड़े जिलों में कार्यान्वित किया गया। दूसरे चरण 2007-2008 में और 130 पिछड़े जिलों में लागू किया गया तथा पांच वर्ष की अवधि में पूरे देश में इसे लागू करने के लक्ष्य को प्राप्त करने की बात को एक स्वर से स्वीकार किया गया। लेकिन देश में रोजगार सुरक्षा का जाल फैलाने के लिए तथा इसकी मांग को ध्यान में रखते हुए तीसरे चरण में इसे 1 अप्रैल 2008 से बाकी बचे हुए सभी 274 ग्रामीण जिलों में लागू कर दिया गया। इस प्रकार अब राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (NREGS) पूरे देश में लागू हो चुकी है। 2 अक्टूबर 2009 से इस योजना का नाम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGS) कर दिया गया है।

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Published

2025-01-30

How to Cite

कुमार ड. आ. . (2025). मनरेगा: अकुशल श्रम की एक अनोखी योजना. Sameeksha Global [ISSN: 2581-401X], 9(1 (Jan-Jun). Retrieved from https://stm.eurekajournals.com/index.php/Sameeksha/article/view/942