भारतीय संस्कृति का कम्बुज देश पर प्रभाव
Abstract
प्राचीन भारतीय साहित्य, चीनी स्रोत एवं पुरातात्त्विक सामग्रियाँ आदि इस तथ्य की साक्षी हैं कि साहसी एवं धन प्राप्ति के इच्छुक भारतीयों ने प्रारंभ में व्यापार के पश्चात् धर्म प्रचार की तीव्र अभिलाषा की पृष्ठभूमि में दक्षिण एवं एशिया के देशों का परिभ्रमण किया। इसी क्रम में वे अपने पड़ोसी प्रदेश सुवर्ण भूमि भी गये। जातकों में महाजनक घातक, शंख घातक आदि सुवर्ण भूमि की यात्राओं पर विस्तृत प्रकाश डालते हैं। सुवर्णद्वीप के देशों में जिन भारतीय राज्यों की स्थापना हुई उनमें कम्बुज के फुनान राज्य का विशेष महत्व था। तांगवंश के समय फुनान को चीनी भाषा में व्यूनाम कहा जाता था और ख्मेर शब्द बैनम का रूपांतर है जिसका आधुनिक रूप फनोम अर्थात् पर्वत होता है। इसी संदर्भ में यहां के शासक अपने को ‘पर्वत भूपाल’ अथवा संस्कृत में ‘शैल-राज’ तथा ख्मेर में ‘कुरून-ब्नम’ कहा करते थे।