मूक बधिर बालकों की शैक्षिक समस्याओं का अध्ययन

Authors

  • डॉ राकेश कुमार यादव सहायक प्रोफेसर, शिक्षा विभाग जैन विश्वभारती संस्थान, लाडनूं।

Abstract

शिक्षा व्यक्ति के जीवन को सुखमय बनाने का महत्वपूर्ण साधन है। यह व्यक्ति के जीवन को उच्च मूल्यों को स्थापित करती है। नागरिक देश के उत्थान में कार्य करने वाली एक इकाई है। प्रत्येक नागरिक का उत्थान शिक्षा का कार्य है। भले ही वह नागरिक विकलांग या मूक-बधिर ही क्यों न हो। मूक-बधिर नागरिक भी देश की उन्नति में अपूर्व योगदान दे सकता है एवं आज का बच्चा ही कल का नागरिक बनेगा। अतः हमारा दायित्व बन जाता है कि ऐसे प्रयास किये जाये जिससे मूक-बधिर विद्यार्थियों को शैक्षणिक समस्याओं का सामना न करना पड़े। मूक-बधिर विद्यार्थियों के प्रति कैसा व्यवहार, कैसे उन्हें उत्थान हेतु प्रेरित किया जाये आदि हमारे पाठ्यक्रम के अंग होने चाहिए। शोध के माध्यम अनेक समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। जिसकी उपयोगिता विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं अध्यापकों के लिए कारगर सिद्ध होता है।

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Published

2023-01-15

How to Cite

यादव ड. र. क. . (2023). मूक बधिर बालकों की शैक्षिक समस्याओं का अध्ययन. Sameeksha Global [ISSN: 2581-401X], 7(1 (Jan-Jun). Retrieved from https://stm.eurekajournals.com/index.php/Sameeksha/article/view/975